ई-कॉमर्स कंपनियों पर प्लास्टिक पैकिंग के खिलाफ NGT ने याचिका दायर की, कहा प्लास्टिक प्रदूषण का ये भी है एक कारण

    23-Oct-2019

 
 
देशभर में सिंगल न्यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोकने के लिए कई सारे कार्य किए जा रहे हैं। जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं कि देश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त किया जा सके। इसी बीच राष्ट्रीय रहित अधिकरण (NGT)ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से Amazon और Flipkar जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों पर प्लास्टिक पैकिंग के खिलाफ याचिका दायर कर 3 जनवरी तक रिपोर्ट देने को कहा है।
 
प्लास्टिक पैकिंग पर रोक लगाने की याचिका दिल्ली के मॉडल स्कूल के 16 वर्षीय छात्र आदित्य दुबे ने दाखिल की थी। इसमें उन्होंने ई-कॉमर्स कंपनियों Amazon, Flipkar और Snepdeal इत्यादि जो ऑनलाइन शॉपिंग कराती है और प्लास्टिक पैकिंग कर
होम डिलीवरी करती हैं उस पर रोक लगाने को कहा है।
 
Amazon 1 दिन में प्रतिदिन से 20-25 पैकेट की डिलीवरी करता है। इंडिया में Amazon के 125 शहरों में 17500 से ज्यादा स्टोर है। इसका मतलब है कि अमेजॉन भारत में 1 दिन में लगभग 37500 डिलीवरी करता है। यदि भारत में सिर्फ अमेजॉन इ-कॉमर्स कंपनी की प्लास्टिक पैकिंग पर रोक लगाती है तो इससे कुछ हद तक सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर नियंत्रण किया जा सकता है। मतलब यदि सभी ई-कॉमर्स कंपनी की प्लास्टिक पैकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया जाए दो बहुत बड़ी मात्रा में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर नियंत्रण किया जा सकता है।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 महिने पहले कहा था कि वह 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वी जयंती पर देश को प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को मुक्त करने के लिए जन जागरूकता अभियान की नींव रखेंगे। देश के कई शहरों में सिंगल जूस प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा चुका, कई जगह इसे रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे इसका उत्पादन लगभग खत्म किया जा सके।
 
 
क्या है सिंगल यूज प्लास्टिक
 
सिंगल यूज प्लास्टिक वह कहलाती है जिसका उपयोग हम अपनी दिनचर्या मैं करते हैं जैसे पॉलिथीन बैग्स, स्ट्रॉ पाइप, पैकिंग में इस्तेमाल करने वाला रेपर, डिस्पोजल के गिलास, कटोरी, चम्मच इत्यादि। ये एक बार इस्तेमाल करने पर दोबारा इस्तेमाल में नहीं आते हैं। इन्हें बनाने में लागत बहुत कम लगती है और उपयोग में भी आसान होती है।
 
 
सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने के लिए कई कार्य। किए जा रहे हैं।
 
देशभर में कई सारे सरकारी विभागों में प्लास्टिक की थैलियों पर प्रतिबंध लगाकर उन्हें कपड़े और जूट के थैले बांटे गए हैं ताकि वह प्लास्टिक के थैलों का उपयोग ना करें।
 
 
प्लास्टिक से सड़के बनाई जा रही है।
 
पुराने सिंगर न्यूज़ प्लास्टिक को रीसायकल कर कई और चीजें बनाई जा रही है। प्लास्टिक से सड़कें भी बनाई जा रही हैं। यह कार्य का श्रैय 72 वर्षीय पद्मश्री वासुदेव थियागराज को जाता है। वासुदेव कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डीन हैं। उन्होनें प्लास्टिक को से सड़कों को बनाने का आईडिया दिया क्योंकि प्लास्टिक पानी से कोई नुकसान नहीं होतो है इससे उस प्लास्टिक का इस्तेमाल भी हो जाएगा और सड़कें ज्यादा समय तक टिकी रहेंगी। पद्मश्री वासुदेव थियागराज को प्लास्टिक मैन के नाम से भी जाना जाता है।
 
 
प्लास्टिक की बोतल से बल्ब का आविष्कार
 
2013 में बेंगलुरु की 31 वर्षीय तृप्ति अग्रवाल ने दुनिया भर में चल रहे अभियान "लीडर ऑफ लाइट" के तहत हजारों झुग्गी बस्तियों में प्लास्टिक की बोतल को बल्ब की तरह इस्तेमाल कर उन्हें रोशन किया है। प्लास्टिक से सोलर स्ट्रीट लाइट को बारिश के पानी से प्रोटेक्ट भी किया है। ब्राजील के अलफ्रेडो मेजर को 2002 में प्लास्टिक की बोतल से रोशनी का आईडिया आया था।