मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कर रहा दो तर्फा बातें, फिर खुलेगा अयोध्या केस

    18-Nov-2019

NEWSPHRASE- ALL INDIA MUSLIM PERSONAL LAW BOARD 
 
लखनऊ के मुमताज पीजी कॅालेज में आज ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अयोध्या मामले पर पुनर्विचार की याचिका दायर करने के लिए सैयद राबे हसन नदवी की अध्यक्षता में एक मीटिंग की थी। जिसमें बोर्ड ने फैसला लिया है कि वे सुप्रीम कोर्ट द्वारा मस्जिद के लिए दी गई 5 एकड़ जमीन को स्वीकार नहीं करेंगे और कोर्ट में इस केस की सुनवाई के लिए पुनर्याचिका डालेंगे।
 
जफरयाब जीलानी का बयान
 
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के बाद बोर्ड के सचिव जिलानी ने प्रेस कान्फेस की जिसमें उन्होंने बताया की हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आस्वीकार करते हैं। कोर्ट ने फैसला सिर्फ मंदिर पक्ष को दिया है जबकी रिपोर्ट में साबित हुआ है कि वहां पहले नमाज पढ़ी जाती थी। मस्जिद के नीचे जमीन में राम लला विराजमान के कोई भी पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। फिर कोर्ट में किस बिनां पर फैसला हिन्दु पक्ष में सुनाया है।
 
इकबाल अंसारी ने किया पुनर्विचार याचिका से इंकार
 
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मुख्य सलाहकार और अयोध्या विवाद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि बैठक में हम सभी ने फैसला लिया है कि हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करते हैं और इसे स्वीकार करते हैं। हम भी भारत के ही निवासी है और यहीं के संविधान का पालन करता हैं। हम आगे कोई भी कार्यवाही नहीं करना चाहते हैं।
 
हिंदू पक्षकार ने दिया जिलानी की बात जवाब
 
राम जन्मभूमि के पक्षकार पुजारी सत्येंद्र दास ने जिलानी के उस बयान पर कहा कि याचिकी दायर करने का कोई मतलब नहीं है। सत्येंद्र दास ने कहा आम मुस्लमान इस फैसले से संतुष्ट है। जिलानी की अब दुकानदारी नहीं चल रही है इसीलिए वह इस तरह की बात कर हाईलाइट होना चाहते हैं। इसीलिए वह इस बात को आगे ले जाने की बात कह रहे हैं।