FATF ने पाकिस्तान को दी ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी, टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग है वजह

    07-Dec-2019

fatf newsphrase.com
 
By Kratik Sahu 
 
पाकिस्तानी हुकूमत पर एक बार फिर टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ब्लैक लिस्ट होने की तलवार लटक रही है। पाकिस्तानी सरकार ने मंगलवार को अपनी आखरी रिपोर्ट एफएटीएफ यानि फाइनेंसियल एक्शन टास्क फाॅर्स को सौंप दी है। पाकिस्तानी सरकार को इस पर पूरी उम्मीद है, कि एफएटीएफ उन्हें एक और मौका देगा। वहीं एफएटीएफ ने पाकिस्तान को चेतावनी भी दी है कि यदि पाकिस्तान ने फरवरी 2020 तक सुधार के सख्त कदम नहीं उठाए तो पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है।
 
जनवरी 2020 की शुरुआत में हो सकती है बैठक
 
पाकिस्तान के मिनिस्टरी ऑफ़ इकनोमिक अफेयर्स के मंत्री हम्माद अज़हर ने बताया कि जनवरी 2020 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी में आमने-सामने की बैठक होने की आशंका है। इस बैठक में एफएटीएफ को दी गई रिपोर्ट के आधार पर पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल को अपना बचाव करने का मौका दिया जाएगा। फरवरी 2020 के अंत में फ़्रांस की राजधानी पेरिस में एफएटीएफ की पूर्ण समीक्षा बैठक होगी, जिसमें इस मुद्दे पर फैसला सुनाया जाएगा। एफएटीएफ ने ये भी कहा कि यदि पाकिस्तान फरवरी 2020 तक अपना एक्शन प्लान पूरा नहीं कर पाया तो उसे ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है।
 
पाकिस्तान के ब्लैक लिस्ट में शामिल होने का क्या मतलब है ?
 
पाकिस्तान के ब्लैक लिस्ट में शामिल होने का मतलब है कि पाकिस्तान की बदहाल अर्थव्यस्था और भी बदहाल हो जाएगी। इसका उल्टा असर भी पड़ सकता है, क्योंकि ब्लैक लिस्ट होने के बाद आतंकवादी संगठनो की जड़ें और मजबूत हो सकती हैं। गौरतलब है कि अमरीका समेत कई दूसरे देशों ने भारत से इस सम्बन्ध में बात की है। पाकिस्तान के भयंकर आर्थिक संकट में जाने से भारत का भी नुकसान है। भारत के लिए भी ये ही बेहतर होगा कि पाकिस्तान आर्थिक मंदी से जूझने की बजाए आतंकवादी संगठनों के खिलाफ मज़बूत कदम उठाए।
 
क्या है ये FATF ?
FATF - Financial Action Task Force
 
एफएटीएफ एक इंटर-गवर्नमेंटल निकाय है, जिसका गठन 1989 में मनी लॉन्ड्रिंग और टर्रर फंडिंग जैसी गतिविधियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए हुआ था। इस 36 देशों वाले एफएटीएफ चार्ट में किसी देश को ब्लैक लिस्ट ना करने के लिए कम से कम 3 देशों को सहमती जताना ज़रूरी होता है। आपको बता दें कि पाकिस्तान पहले ही ग्रे लिस्ट में शामिल है।