उर्वरक विभाग की प्लास्टिक पर पाबंदी

    10-Sep-2019

 
 
देश में 15 सितंबर से एक कल उपयोग वाली प्लास्टिक की यानी वन टाइम यूज प्लास्टिक पर बैन लगा दिया गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग ने यह निर्णय अपनी एक बैठक के दौरान किया है यह बैठक केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान द्वारा आयोजित की गई थी उन्होंने इस मीटिंग के दौरान अपने विभाग के सभी अधिकारियों के साथ चर्चा की और यह निष्कर्ष निकाला कि वे अपने कर्मचारियों को कपड़े या जूट से बने बैग वितरित करेंगे यह प्लास्टिक से बने बैग या थैले का इस्तेमाल ना करने के लिए एक पहल होगी।
 
उर्वरक विभाग का आधिकारिक बयान है कि वे प्लास्टिक की खपत कम करने के लिए अधिकतम प्रयास कर रहे हैं जिससे कि पर्यावरण प्रदूषित ना हो और स्वच्छता बनी रहे। विभाग ने एकल प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए कपड़े का थैला कर्मचारियों में बांट कर जागरूकता का एक नया कदम उठाया है जिससे सभी को पर्यावरण को स्वच्छ और स्वस्थ रखने का संदेश और प्रेरणा मिलेगी।
 
कपड़े और झूठ के सिले हुए थैले का इस्तेमाल बढ़ने से लघु और कुटीर उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा और उन्हें अपने व्यवसाय के लिए कई अवसर भी प्राप्त होंगे। उर्वरक विभाग ने स्वच्छता सेवा और स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के दौरान अपने कर्मचारियों के लिए कर्नाटक के डिस्ट्रिक्ट रामोहली के गांव मारागोंडानाडीह के महिला स्वयं सहायता समूह (लक्ष्मी देवी स्व सहायता समूह) द्वारा उत्पादित कपड़े के थैले वितरित करने का निर्णय लिया है।
 
 
क्या होती है एकल उपयोग प्लास्टिक
 
प्लास्टिक से बनाई गई ऐसी सामग्री जिसे केवल एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकता है और इसके बाद वे लगभग कूड़े के बराबर होती है ऐसी प्लास्टिक को एकल उपयोग प्लास्टिक यानी वन टाइम यूज प्लास्टिक कहते हैं जैसे प्लास्टिक पॉलिथीन बैग पानी की बोतल प्लास्टिक स्टोर इत्यादि।