Religion

साप्ताहिक राशिफल: मकर, कुम्भ और मीन राशियों को इन उपायों से हो सकता है धन लाभ

 साप्ताहिक राशीफल ( 16-22 दिसंबर 2019 )आचार्य पं सोमेश शर्मा जी द्वारा।  मकर - सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपकी राशि के चतुर्थ भाव में होंगे इसके बाद वो आपकी राशि के पंचम, षष्टम भाव से होते हुए सप्ताह के अंत में आपके सप्तम भाव में संचरण कर जाएंगे। इसके साथ ही इस सप्ताह शुक्र का गोचर भी आपकी ही राशि यानी आपके लग्न भाव में होगा। जिससे इस पूरे ही सप्ताह इन दोनों ही ग्रहों का प्रभाव आपके जीवन पर पड़ेगा। जिस वक़्त चंद्र का गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा जिससे रियल एस्टेट का व्यवसाय करने वाले ..

साप्ताहिक राशिफल: तुला,वृश्चिक और धनु राशि को इन उपायों से मिलेगी कामयाबी

  साप्ताहिक राशीफल ( 16-22 दिसंबर 2019 )आचार्य पं सोमेश शर्मा जी द्वारा।  तुला - इस सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा आपके सप्तम भाव में होगा। उसके बाद अष्टम, नवम भावों से होते हुए सप्ताह के अंत में आपकी राशि के दशम भाव में गोचर कर जाएगा। इसके साथ ही इस सप्ताह शुक्र का गोचर भी आपके चतुर्थ भाव में होगा। जिस वक़्त सप्ताह की शुरुआत में चंद्रमा का गोचर सप्तम भाव में होगा उस वक़्त आपका रुझान किसी विपरीत लिंगी व्यक्ति की ओर अधिक होगा जिससे आपको किसी मित्र की मदद से बात करने का अवसर भी मिल सकता ..

साप्ताहिक राशिफल: कर्क, सिंह और कन्या राशि को इन उपायों से मिल सकते हैं लाभ

कर्क - इस सप्ताह की शुरुआत में चन्द्रमा आपकी राशि के दशम भाव में होंगे इसके बाद एकादश, द्वादश भाव में और फिर अंत में आपकी ही राशि यानी आपके लग्न भाव में गोचर कर जाएंगे। इसके साथ ही इस सप्ताह शुक्र ग्रह भी आपकी राशि से सप्तम भाव में गोचर करेगा। सप्ताह की शुरुआत में आपको कार्यक्षेत्र में भरपूर सफलता हाथ लगेगी और आप इस दौरान अपनी क्षमता से भी अधिक कार्य को पूरा करने के लिए तत्पर नज़र आएँगे। इस समय आपका ये कमाल का प्रदर्शन देख आपके अधिकारी आपकी ओर आकर्षित होंगे जिसका लाभ भविष्य में आपको मिल सकता है। सहकर्मी ..

साप्ताहिक राशिफल: मेष, वृषभ और मिथुन राशि के जातकों को इन कामों में रहना होगा सावधान

 साप्ताहिक राशीफल ( 16-22 दिसंबर 2019 )आचार्य पं सोमेश शर्मा जी द्वारा।  मेष - इस सप्ताह चन्द्रमा शुरुआत में आपके लग्न यानी प्रथम भाव में होगा, इसके बाद द्वितीय, तृतीय और अंत में आपकी राशि के चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। इसके अलावा शुक्र का गोचर भी इस सप्ताह आपके दशम भाव में होगा। सप्ताह के शुरुआत में जिस वक़्त चंद्र आपकी राशि में विराजमान होंगे उस वक़्त आपको अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी। इस दौरान आपके तेज में अचानक से वृद्धि होगी और ये तेज आपके चेहरे पर साफ़ झलकेगा। आपके इस आकर्षण के चलते ..

साप्ताहिक राशिफल: मकर, कुम्भ और मीन राशियों को इन उपायों से हो सकता है धन लाभ

साप्ताहिक राशीफल ( 09-15 दिसंबर 2019 ) आचार्य पं सोमेश शर्मा जी द्वारा। मकर राशी - यह सप्ताह मिश्रित फलदाई रहेगा। इस सप्ताह शुरुआत के 3 दिन उत्तम हैं, लेकिन गुरुवार से रविवार तक प्रयास अधिक करना होगा परन्तु लाभ कम ही प्राप्त होगा, स्वास्थ्य में भी उतार-चढ़ाव साफ नज़र आ रहा है। आपमें अपने व्यवहार से लोगो का दिल जीतने की कला है ।इस सप्ताह के शुरुआत के तीन दिन कार्य क्षेत्र में अच्छी सफलता मिलेगी, लाभ के मार्ग प्रशस्त होंगे। लेकिन बाद के 4 दिनों में कार्यो में कोई ना कोई रुकावटे लगी ही रहेंगी। जल्दीबाजी ..

साप्ताहिक राशिफल: तुला,वृश्चिक और धनु राशि को इन उपायों से मिलेगी कामयाबी

 साप्ताहिक राशीफल ( 09-15 दिसंबर 2019 )आचार्य पं सोमेश शर्मा जी द्वारा।   तुला राशी - यह सप्ताह मिश्रित फलदाई रहेगा। कार्य क्षेत्र में लाभ के योग बन रहे है, लेकिन अड़चने भी है, स्वास्थ्य नरम रह सकता है, मानसिक चिंताएं भी हावी रहेगी। इस सप्ताह सरकारी क्षेत्र से कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, वाद-विवाद से दूर रहन ही श्रेयकर है।कार्य क्षेत्र में परिश्रम अधिक करना पड़ सकता है, कार्य क्षेत्र में अड़चने आती रहेगी, फिर भी धन का आगमन बना रहेगा। अपने खर्चो पर नियंत्रण रखे , इस सप्ताह सरकारी ..

साप्ताहिक राशिफल: कर्क, सिंह और कन्या राशि को इन उपायों से मिल सकते हैं लाभ

  साप्ताहिक राशीफल ( 09-15 दिसंबर 2019 )आचार्य पं सोमेश शर्मा जी द्वारा।  कर्क राशी - जातकों के लिए यह सप्ताह मिला जुला रहेगा है। इस सप्ताह के शुरुआत में स्थितियाँ अनुकूल हैं, परन्तु बाद में सावधानी से काम लेना होगा। इस सप्ताह कार्य क्षेत्र में समय साथ देता नज़र आ रहा है, स्वास्थ्य में भी कोई चिंता करने की जरुरत नहीं है। इस सप्ताह कोई भी काम बहुत जल्दीबाजी में ना करें। इस सप्ताह के शुरुआत में कार्य क्षेत्र में समय बढ़िया है, लेकिन गुरुवार के बाद सावधानी से काम लेना होगा। नए ..

साप्ताहिक राशिफल: मेष, वृषभ और मिथुन राशि के जातकों को इन कामों में रहना होगा सावधान

 साप्ताहिक राशीफल ( 09-15 दिसंबर 2019 )आचार्य पं सोमेश शर्मा जी द्वारा। मेष राशि - यह सप्ताह मेष राशि वालो के लिए अच्छा रहेगा। इस सप्ताह कार्य क्षेत्र में कुछ उतार - चढ़ाव आ सकते है लेकिन लाभ की ही स्थिति बनी हुई है, लेकिन शुरू के तीन दिन बाद कुछ मानसिक चिंताएं हावी हो सकती है। इस सप्ताह स्वास्थ्य ठीक रहेगा ।इस सप्ताह कार्य क्षेत्र में अच्छा समय रहेगा, लेकिन लापरवाही न करें। लोग आपकी प्रतिभा का लोहा मानते है, लेकिन अस्थिरता आपकी सबसे बड़ी समस्या है। इस सप्ताह भाग्य आपका साथ देगा। इस सप्ताह ..

जानें क्यों मनाई जाती है श्रीमद भगवत गीता जयंती ?

 श्रीमद भगवत गीता जयंती यह दिन श्रीमद भगवत गीता की प्रतीकात्मक जयंती के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन भगवत गीता के दर्शन मात्र का बड़ा लाभ होता है। यदि इस दिन गीता के श्लोकों का वाचन किया जाए तो मनुष्य के पूर्व जन्म के दोषों का ना..

दैनिक राशिफल: जानें कैसा बीतेगा आज आपका दिन, कैसे मिलेगी सफलता?

  आज का राशीफल - 4/12/19 बालव्यास पं सोमेश शर्मा जी द्वारा। मेष - आँखों के मरीज़ प्रदूषित जगहों पर जाने से बचें, क्योंकि धूँआ आपकी आँखों को और नुक़सान पहुँचा सकता है। अगर मुमकिन हो तो सूरज की तेज़ रोशनी से भी बचे। बैंक से जुड़े लेन-देन में काफ़ी सावधानी बरतने की ज़रूरत है। आपके घर वाले आपकी कोशिशों और समर्पण को सराहेंगे। आज आपका प्रेमी अपने मनोभावों को आपके सामने खुलकर नहीं रख पाएगा जिसकी वजह से आपको खिन्नता होगी। अगर आपको लगता है कि आप दूसरों की मदद के बिना महत्वपूर्ण कामों को कर सकते ..

दैनिक राशिफल: जानें, कैसा होगा दिसंबर का पहला दिन, कैसे मिलेगी सफलता ?

दैनिक राशिफल - दिनांक - 1-12-2019बालव्यास पं सोमेश शर्मा जी द्वारा मेष -कोई अच्छी ख़बर मिल सकती है। आज के दिन आपको शराब जैसे मादक तरल का सेवन नहीं करना चाहिए, नशे की हालत में आप कोई कीमती सामान खो सकते हैं। परिवार के साथ सामाजिक गतिविधियाँ सभी को..

गुरु तेग बहादुर: जिन्होंने भारतीय संस्क्रति और धर्म की रक्षा के लिए अपना सिर किया बलिदान

आज भारतीय संस्क्रति और धर्म के रक्षक व सिखों के 9वे गुरु तेग बहादुर की पुण्यतिथि है। औरंगजेब के शासन में भारतीय संस्क्रति व धर्म की रक्षा के लिए जिन्होंने 24 नवम्बर 1675 को चांदनी चौक दिल्ली में मुस्लिम आक्रान्ताओं के अत्याचार के विरोध में अपना बलिदान दे दिया था। उन्होंने मुगल बादशाह औरंगजेब के खिलाफ कश्मीरी पंडितों के धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए औरंगजेब से लोहा लिया था। लेकिन एक दिन तेग बहादुर को औरंगजेब के सैनिकों ने कैद कर लिया और दिल्ली ले गए।औरंगजेब ने गुरु तेग बहादुर के सामने दो रास्ते रखें ..

सिर्फ अयोध्या ही नहीं श्रीराम की नगरी, यहां भी है राम का वास

  रामायण के अनुसार अयोध्या को भगवान श्रीराम की नगरी माना जाता है, लेकिन कुछ पौराणिक मान्यताओं के अनुसार एक और स्थान में भगवान का साक्षात वास माना जाता है और ये स्थान है चित्रकूट। जी हां, चित्रकूट मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच स्थित एक छोटा सा शहर है, जिसे श्रीराम और हनुमान की नगरी के रूप में भी जाना जाता है।  अयोध्या से 6 घंटे की दूरी पर स्थित चित्रकूट की सैर करने से न केवल आपको आत्मिक शांति मिलेगी, बल्कि मंदिरों की धार्मिक मान्यताओं का एक अलग ही स्वरूप आपको देखने को मिलेगा। चित्रकूट ..

दीपावली पर इन 51 उपायों से देवी महालक्ष्मी को करें प्रसन्न

 By पं. श्री ओमप्रकाश शास्त्री  हिन्दुओं के सभी पर्वों में दीपावली का सबसे अधिक महत्तव है। इस पर्व पर धन की देवी महालक्ष्मी को प्रसन्न करने की लिए उनका पूजन किया जाता है। यदि इस दिन सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त में सही विधि-विधान से लक्ष्मी का पूजन कर लिया जाए तो अगली दीपावली तक लक्ष्मी कृपा से घर में धन और धान्य की कमी नहीं आती है।  शास्त्रों के अनुसार कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जो दीपावली के दिन करने पर बहुत जल्दी लक्ष्मी की प्रसन्नता प्राप्त की जा सकती है। यहां लक्ष्मी कृपा पाने के लिए ..

महाअष्टमी: कैसा है माता महागौरी का स्वरूप ?

  नवरात्रि के आठवें दिल को महाष्टमी कहा जाता है इस दिन मां आदिशक्ति के आठवें शक्ति स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है कई मान्यताओं के अनुसार माता महागौरी के विधि पूर्वक पूजन से भक्तों के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।  कौन है माता महागौरी ? पौराणिक कथाओं के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए एक लंबी अवधि तक तपस्या की थी जिससे उनका शरीर काला पड़ गया था माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ..

महासप्तमी: क्यों कहते हैं माता कालरात्रि को 'शुभंकरी' ?

 नवरात्रि में सातवें दिन को महासप्तमी कहा जाता है और इस दिन माता आदिशक्ति के सातवें शक्ति स्वरूप मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। ऐसी मान्यताएं हैं कि माता कालरात्रि की पूजा से भक्तों में सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों जैसे भूत-प्रेत और बुरी बलाओं का डर समाप्त हो जाता है।कैसा होता है माता का स्वरुप ? पौराणिक कथाओं के अनुसार माता कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत भयंकर होता है। इनका वर्ण अंधकार की कालिमा की तरह काला होता है और बाल हवा में लहराते दिखते हैं। माता की चार भुजाएं होती हैं दाहिनी ..

छठा नवरात्र: कैसे करें माता कात्यायनी की उपासना ?

   नवरात्रि में छठे दिन मां दुर्गा माता कात्यायनी स्वरूप पूजी जाती हैं। ये माता का छठवां शक्ति स्वरुप हैं। कई मान्यताओं के अनुसार माता कात्यायनी की आराधना से शिक्षा के क्षेत्र में निश्चित ही सफलता मिलती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार महर्षि कात्यायन ने कठोर तपस्या कर मां आदिशक्ति को उनकी पुत्री के रूप में जन्म लेने का वरदान मांगा था। महर्षि की तपस्या से प्रसन्न होकर माता ने उनकी इस इच्छा को स्वीकार किया और महर्षि कात्यायन की पुत्री के रूप में अवतरित हुईं, जिसके कारण इनका नाम देवी ..

पंचम नवरात्र: क्यों विशेष है मां स्कंदमाता की आराधना ?

  नवरात्रि में पांचवे नवरात्र का विशेष महत्त्व है। इस दिन मां दुर्गा अपने पांचवे स्वरूप में पूजी जाती हैं जिन्हें स्कंदमाता के नाम से जाता है। मां के इस स्वरूप की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार माता पार्वती को महादेव की पत्नी होने के कारण माहेश्वरी भी कहा जाता है। माता पार्वती ही शिवपुत्र कार्तिकेय की माता भी हैं और कार्तिकेय भगवान का दूसरा नाम स्कंद है इसी कारण माता के इस स्वरूप को स्कंदमाता नाम से जाना जाता है देवता और असुरों के बीच हुए संग्राम में ..

चतुर्थ नवरात्र: कैसे मिलेगा माता कूष्मांडा का आशीर्वाद ?

   नवरात्र के चौथे दिन माँ दुर्गा अपने चतुर्थ स्वरूप में पूजी जाती हैं, जो माता कूष्मांडा के नाम से जानी जाती हैं। चतुर्थ नवरात्र को आयु, यश, बल और ऐश्वर्य को प्रदान करने वाली भगवती कूष्मांडा की उपासना-आराधना का विधान है।  अपनी मंद, हल्की हंसी द्वारा ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इन्हें कूष्मांडा देवी के रूप में पूजा जाता है। संस्कृत भाषा में कूष्मांडा को कुम्हड़ कहते हैं और कुम्हड़े की बलि इन्हें सर्वाधिक प्रिय है, इस कारण से भी माँ दुर्गा का चतुर्थ रूप में माँ कूष्मांडा कहलाती ..

तृतीय नवरात्र: क्या है कल्याणकारी माँ चंद्रघंटा की महिमा ?

 नवरात्रि में तृतीया पूजा का अत्यधिक महत्व है। तीसरे नवरात्र को माता चंद्रघंटा की उपासना की जाती है। ये माँ दुर्गा का तीसरा स्वरुप हैं। ऐसी मान्यता है कि माता चंद्रघंटा की विधिवत पूजा से भक्तों को आत्मिक शक्ति और मन की शांति प्राप्त होती है। कैसा है माँ चंद्रघंटा का स्वरुप ? माता चंद्रघंटा, माँ दुर्गा का तीसरा शक्ति स्वरुप हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार माता चंद्रघंटा की उत्पत्ति रक्षाओं के नाश और धर्म-शांति की स्थापना के लिए हुई थी। माता का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके ..

नवरात्रि के दूसरे दिन क्यों की जाती है माता ब्रह्मचारिणी कि आराधना ?

मां ब्रह्मचारिणी श्वेत वस्त्र पहने दाएं हाथ में अष्टदल की माला और बांए हाथ में कमण्डल लिए हुए सुशोभित होती हैं। माता सदैव आनन्द मयी रहती हैं। मां ब्रह्मचारिणी को सभी विधाओं का ज्ञाता माना जाता है। ब्रहमचारिणी, मां दुर्गा को द्वितीय शक्ति स्वरूप है। ब्रह्मचारिणी का अर्थ है ''तप की चारिणी'' अर्थात तप का आचरण करने वाली। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार ये हिमालय की पुत्री थीं। नादर मुनि के उपदेश के बाद भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए इन्होंने कठोर तप किया। इन्होंने भगवान शिव को पाने के लिए कई हज़ार वर्षों ..

क्यों मनाई जाती है विश्वकर्मा जयंती, कौन हैं भगवान विश्वकर्मा ?

भगवान विश्वकर्मा को निर्माण का देवता माना जाता है। मान्यता है कि उन्होंने देवताओं के लिए अन्य भव्य महलों, आलीशान भवनों, हथियारों और सिंहासन का निर्माण किया था। भारत त्योहारों का देश है,जीवन एक उत्सव है, इसी धारणा के साथ यहां साल में अनेकों त्योहार मनाए जाते हैं इन्हीं में से एक त्यौहार विश्वकर्मा दिवस के रूप में मनाया जाता है, यह हर साल 17 सितंबर के दिन मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन निर्माण के देवता विश्वकर्मा जी का जन्म हुआ था विश्वकर्मा को देव शिल्पी यानी के देवताओं के वास्तुकार के में ..

गणेश विसर्जन में छिपा है खुशहाल जीवन का मंत्र

  हर वर्ष की तरह इस बार भी देश भर में सभी जगह गणेश उत्सव की धूम देखने को मिली रिद्धि सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश को सभी भक्त अपने घर लेकर आए थे। गणेश उत्सव के पहले दिन से ही उनके भक्त उनकी सेवा में जुट गए थे लेकिन इस 10 दिनों के उत्सव के बाद आज बप्पा को विदा करने का दिन है। भगवान श्री गणेश की स्थापना की गई प्रतिमाओं को स्थापना से 11वें दिन अनंत चतुर्दशी पर विसर्जित करते हैं और इस प्रकार गणेश उत्सव का समापन किया जाता है।घर में जब भगवान गणेश आते हैं तो भक्त उनके साथ बात करते हैं उनकी आरती ..

देशभर में गणेश उत्सव की धूम, भक्तों के घर पधारे भगवान गणपति

देशभर में इन दिनों त्यौहारों का मौसम चल रहा है, एक के बाद एक त्यौहार आ रहे हैं। रक्षाबंधन के बाद अब भगवान श्री गणेश का आगमन जल्द होने वाला है। देश भर में गणेश चतुर्थी की तैयारी ज़ोरों-शोरों से चल रही है। इस साल ये भव्य उत्सव 2 सितंबर से 12 सितंबर तक मनाया जाएगा। गणेश उत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाता है। भक्तों द्वारा इस उत्सव के दौरान भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं को स्थापित कर उनकी सेवा और पूजा की जाती है।न ही सिर्फ गणपति पंडालों में बल्कि घर-घर में ..